शहर अनुसार पंचांग
अपना शहर चुनें — आज की तिथि, चौघड़िया, राहु काल और शुभ मुहूर्त।
📍 आपके सटीक स्थान का पंचांग
आज की तिथि, नक्षत्र, सूर्योदय, चौघड़िया व राहु काल आपके ठीक निर्देशांकों के लिए — निजी, आपके ब्राउज़र में गणना।
आपका स्थान पंचांग की गणना आपके ब्राउज़र में करता है; क्षेत्र का नाम जानने हेतु केवल आपके निर्देशांक एक मानचित्र सेवा को भेजे जाते हैं। मानचित्र पर किसी शहर पर क्लिक कर उसका पंचांग खोलें। समय IST में।
पंचांग शहर के अनुसार क्यों गणना होता है
पंचांग कोई एक निश्चित छपी हुई सारणी नहीं, बल्कि किसी विशेष स्थान व समय के लिए की गई खगोलीय गणना है। इसका कारण सरल है: पंचांग के अधिकांश मान सूर्य व चंद्रमा की स्थिति और दिन के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करते हैं, और ये सब अक्षांश-देशांतर के अनुसार बदलते हैं। इसीलिए एक ही दिन दिल्ली, मुंबई, कोलकाता व चेन्नई का पंचांग एक-दूसरे से थोड़ा भिन्न होता है — सूर्योदय के समय की तिथि व नक्षत्र, दिन-रात के चौघड़िया, और राहु काल सबका समय स्थान के अनुसार खिसक जाता है। Panchang Daily प्रत्येक शहर के लिए उसके निर्देशांकों से यह गणना करता है, ताकि आपको किसी दूर के शहर का नहीं, बल्कि अपने ही शहर का सटीक पंचांग मिले।
स्थान से क्या-क्या बदलता है
यह समझना उपयोगी है कि वास्तव में स्थान किन मानों को प्रभावित करता है:
- सूर्योदय व सूर्यास्त — पूर्व के शहरों में पहले, पश्चिम में बाद में; और अक्षांश के अनुसार दिन की लंबाई भी बदलती है। ये दो समय पूरे पंचांग की समय-गणना की नींव हैं।
- चौघड़िया — चूँकि दिन-रात को सूर्योदय-सूर्यास्त से आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है, चौघड़िया के आरंभ-समय व अवधि दोनों स्थान से बदलते हैं।
- राहु काल, यमगंड, गुलिक — ये भी दिन के आठवें भाग हैं, अतः शहर के अनुसार पहले या बाद में आते हैं और ऋतु के अनुसार लंबे-छोटे होते हैं।
- सूर्योदय की तिथि व नक्षत्र — यदि कोई तिथि या नक्षत्र सूर्योदय के ठीक आसपास बदल रहा हो, तो पूर्वी व पश्चिमी शहरों में दिन की तिथि एक दिन तक भिन्न हो सकती है, क्योंकि पंचांग सूर्योदय के समय की तिथि को दिन की तिथि मानता है।
- अभिजित व ब्रह्म मुहूर्त — दोनों मध्याह्न व सूर्योदय से निकलते हैं, अतः स्थान के अनुसार बदलते हैं।
इसी कारण किसी सामान्य राष्ट्रीय सारणी पर निर्भर रहना भ्रामक हो सकता है — विशेषकर राहु काल व चौघड़िया के सटीक समय के लिए।
भारत भर में सूर्योदय का अंतर
भारत भौगोलिक रूप से विशाल है, अतः सूर्योदय में शहरों के बीच काफ़ी अंतर होता है। सबसे पूर्वी क्षेत्रों (जैसे अरुणाचल, असम) में सूर्य सबसे पश्चिमी क्षेत्रों (जैसे गुजरात, राजस्थान) की तुलना में लगभग डेढ़-दो घंटे पहले उदित होता है — यद्यपि पूरा देश एक ही मानक समय (IST) मानता है। इसका सीधा प्रभाव पंचांग पर पड़ता है: गुवाहाटी में राहु काल का आरंभ अहमदाबाद से काफ़ी पहले होगा, भले घड़ी दोनों जगह एक ही समय दिखाए। इसी प्रकार उत्तर व दक्षिण के शहरों में दिन की लंबाई ऋतु अनुसार भिन्न होती है, जिससे चौघड़िया व राहु काल की अवधि भी बदलती है। यही कारण है कि अपने ही शहर का पंचांग देखना आवश्यक है।
शहर पृष्ठ पर आपको क्या मिलता है
ऊपर खोज बॉक्स में अपना शहर टाइप करें या सूची से चुनें। हर शहर पृष्ठ पर आपको उस शहर के लिए आज के सभी मान एक स्थान पर मिलते हैं: आज की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार व चंद्र मास; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय व मध्याह्न; दिन व रात के सभी सोलह चौघड़िया अपने समय सहित; राहु काल, यमगंड व गुलिक; और शुभ अभिजित व ब्रह्म मुहूर्त — सब एक लाइव दिन-टाइमलाइन पर, जिस पर वर्तमान समय की सूई चलती रहती है। इससे एक नज़र में दिख जाता है कि अभी कौन-सा समय-खंड चल रहा है और आगे कब शुभ समय आएगा।
भारत की क्षेत्रीय पंचांग परंपराएँ
स्थान केवल समय ही नहीं, कैलेंडर-शैली भी बदलता है। उत्तर भारत प्रायः पूर्णिमांत मास (पूर्णिमा पर समाप्त) मानता है, जबकि दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत (अमावस्या पर समाप्त) — तिथियाँ वही रहती हैं, केवल कृष्ण पक्ष का मास-नाम बदलता है, जिससे कुछ त्योहारों का "मास" क्षेत्र अनुसार भिन्न लगता है। तमिलनाडु सौर पंचांग अपनाता है, जिसमें मास सूर्य के राशि-प्रवेश से बदलते हैं; बंगाल व केरल की भी अपनी सौर-गणना व नववर्ष हैं (पोइला बैशाख, विशु)। इन भिन्नताओं के कारण कुछ पर्वों की तिथि क्षेत्र अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती है — इसीलिए स्थानीय पंचांग से पुष्टि की परंपरा है।
शहरों की व्यापक सूची
Panchang Daily भारत के सभी प्रमुख राज्यों के महानगरों, राजधानियों व अनेक ज़िला-नगरों को समेटता है — दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे व जयपुर जैसे बड़े शहरों से लेकर वाराणसी, उज्जैन, हरिद्वार, अयोध्या व तिरुपति जैसे तीर्थ-नगरों तक। यदि आपका ठीक शहर सूची में न हो, तो निकटतम बड़े शहर का चयन करें — कुछ किलोमीटर की दूरी से पंचांग में केवल कुछ मिनटों का अंतर आता है, जो सामान्य उपयोग के लिए नगण्य है।
प्रवासी भारतीयों के लिए
विदेश में रहने वाले भारतीय भी प्रायः पंचांग देखते हैं — व्रत, त्योहार व पूजा के लिए। ऐसे में दो विकल्प हैं: यदि आप अपने पैतृक शहर की तिथि के अनुसार व्रत रखना चाहते हैं, तो उस शहर का चयन करें; और यदि स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय चाहिए, तो अपने निकटतम उपलब्ध शहर का। तिथि व नक्षत्र प्रायः भारतीय संदर्भ से देखे जाते हैं, जबकि सूर्योदय-आधारित समय स्थानीय होते हैं — इसीलिए विदेश में व्रत की तिथि प्रायः भारतीय पंचांग से मिलाई जाती है।
समय-क्षेत्र और मानक समय
भारत एक ही मानक समय — भारतीय मानक समय (IST, UTC+5:30) — मानता है, चाहे शहर पूर्व में हो या पश्चिम में। इसका अर्थ है कि यद्यपि घड़ी सर्वत्र एक-सी है, वास्तविक सूर्योदय शहरों में भिन्न होता है, और पंचांग इसी वास्तविक सूर्योदय से समय निकालता है। Panchang Daily सभी समय IST में दर्शाता है, आपके चुने शहर के वास्तविक सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार गणना करके — ताकि आपको घड़ी का वही समय मिले जो आप अपने शहर में देखते हैं।
हम हर शहर के लिए गणना कैसे करते हैं
प्रत्येक शहर के लिए हम उसके अक्षांश-देशांतर से सूर्य व चंद्र की वास्तविक स्थिति व सूर्योदय-सूर्यास्त दृक् गणित (वेधाधारित गणना) से निकालते हैं, और उन्हीं से पाँच अंग तथा समय-खंड बनाते हैं। यह पुरानी सारणी-आधारित विधियों से अधिक सटीक है। कोई मान हाथ से नहीं बदला जाता। फिर भी विभिन्न पंचांग सूर्योदय की परिभाषा या अयनांश में थोड़ा भिन्न मत रख सकते हैं, जिससे कुछ मिनटों का अंतर संभव है; अतः धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी पुष्टि करें।
इसे दैनिक रूप से उपयोग करना
अपने शहर को एक बार चुन लेने के बाद, हर सुबह उसका पंचांग एक नज़र में देखें — आज की तिथि, नक्षत्र, चौघड़िया व राहु काल — और महत्वपूर्ण कार्यों को शुभ समय पर व राहु काल के बाहर रखें। किसी अन्य दिन की योजना के लिए मुहूर्त प्लानर, आगामी पर्वों के लिए त्योहार कैलेंडर, और मूल सिद्धांत के लिए संपूर्ण पंचांग गाइड देखें। इस प्रकार शहर-वार पंचांग आपके दैनिक निर्णयों का एक सरल, विश्वसनीय साथी बन जाता है।
सामान्य प्रश्न
पंचांग शहर अनुसार क्यों बदलता है?
सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्रमा की स्थिति स्थान पर निर्भर करती है, इसलिए सूर्योदय की तिथि, चौघड़िया व राहु काल हर शहर में थोड़े भिन्न होते हैं।
क्या दो शहरों में तिथि अलग हो सकती है?
हाँ — यदि तिथि सूर्योदय के आसपास बदल रही हो, तो पूर्वी व पश्चिमी शहरों में सूर्योदय की तिथि एक दिन भिन्न हो सकती है।
कितने शहर उपलब्ध हैं?
133 भारतीय शहरों का दैनिक पंचांग उपलब्ध है, प्रत्येक की गणना उसके निर्देशांकों से।