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अन्नप्राशन मुहूर्त Annaprashan Muhurat

शिशु के प्रथम अन्न-ग्रहण हेतु शुभ दिन का चयन

त्वरित उत्तर

अन्नप्राशन मुहूर्त शिशु के प्रथम अन्न-ग्रहण (अन्नप्राशन संस्कार) हेतु शुभ समय है। परंपरा में यह लगभग छठे मास में, शुभ नक्षत्र व तिथि पर, जन्म-नक्षत्र व अशुभ काल टालकर किया जाता है।

कब किया जाता है

अन्नप्राशन शास्त्रानुसार बालकों हेतु छठे मास तथा बालिकाओं हेतु सम मास (छठे या आठवें) में, शिशु के बैठने व प्रथम दाँत आने पर किया जाता है। पारिवारिक रीति भिन्न होती है।

शुभ काल एक नज़र में

शुभ माससंस्कार का मास शिशु की आयु अनुसार; उसमें शुभ दिन चुना जाता है
शुभ नक्षत्रअश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा व रेवती
शुभ तिथिद्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी व त्रयोदशी
शुभ वारसोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार

त्याज्य काल

शिशु का जन्म-नक्षत्र व जन्म-मास, रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), अमावस्या, ग्रहण-दिवस, तथा प्रायः मंगल, शनि व रविवार।

मुहूर्त कैसे चुना जाता है

  1. शिशु की आयु परंपरागत काल (लगभग छठा मास) के अनुकूल हो व शिशु बैठ सके — सुनिश्चित करें।
  2. ऐसा शुभ नक्षत्र व तिथि चुनें जो जन्म-नक्षत्र न हो।
  3. रिक्ता तिथियाँ, अमावस्या व ग्रहण-दिवस टालें।
  4. उस दिन शुभ चौघड़िया या अभिजित मुहूर्त में, राहु काल से बचते हुए, प्रथम ग्रास कराएँ।

महत्वपूर्ण: यह सामान्य मार्गदर्शन है, व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं। अंतिम तिथि संबंधित कुंडली व क्षेत्रीय परंपरा देखते हुए योग्य पंडित से निश्चित करें। किसी संभावित तिथि पर चौघड़िया व राहु काल जाँचने हेतु मुहूर्त प्लानर.

Common questions

अन्नप्राशन किस आयु में किया जाता है?

परंपरा में बालकों हेतु लगभग छठे मास व बालिकाओं हेतु सम मास (छठे या आठवें) में, शिशु के बैठने व दाँत आने पर।

अन्नप्राशन हेतु कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?

रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण व रेवती जैसे शुभ नक्षत्र।

कौन-से दिन टालें?

शिशु का जन्म-नक्षत्र व जन्म-मास, रिक्ता तिथियाँ, अमावस्या, ग्रहण, तथा प्रायः मंगल, शनि व रविवार।

अन्नप्राशन घर पर या मंदिर में?

दोनों — कई परिवार घर या मंदिर में छोटी पूजा के साथ करते हैं। मुहूर्त मार्गदर्शन समान रहता है।

सही समय कैसे चुनें?

शुभ चौघड़िया या मध्याह्न अभिजित मुहूर्त चुनें व राहु काल से बचें — मुहूर्त प्लानर इन्हें आपके शहर व तिथि हेतु दिखाता है।