भूमि पूजन मुहूर्त Bhoomi Pujan Muhurat
निर्माण आरंभ (शिलान्यास) हेतु शुभ समय
भूमि पूजन मुहूर्त नए घर के निर्माण आरंभ (शिलान्यास / नींव) हेतु शुभ समय है। यह शुभ मास, नक्षत्र व तिथि से चुना जाता है, चातुर्मास, अधिक मास व अशुभ काल टालकर।
कब किया जाता है
शिलान्यास व नींव शुभ मास के भीतर शुभ नक्षत्र व तिथि पर, वास्तु पूजा के पश्चात आरंभ किए जाते हैं। कई लोग निर्माण आरंभ हेतु चातुर्मास व अधिक मास (मलमास) टालते हैं।
शुभ काल एक नज़र में
| शुभ मास | वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन शुभ; चातुर्मास व अधिक मास टाले जाते हैं |
| शुभ नक्षत्र | रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपदा, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, धनिष्ठा, शतभिषा व रेवती |
| शुभ तिथि | द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, दशमी, एकादशी, द्वादशी व त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष उत्तम) |
| शुभ वार | सोमवार, बुधवार, गुरुवार व शुक्रवार |
त्याज्य काल
चातुर्मास (लगभग आषाढ़ से कार्तिक), अधिक मास (मलमास), अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी), ग्रहण-दिवस, तथा प्रायः मंगल, शनि व रविवार।
मुहूर्त कैसे चुना जाता है
- शुभ मास चुनें, चातुर्मास व अधिक मास टालते हुए।
- शुक्ल पक्ष में शुभ नक्षत्र व तिथि चुनें।
- सोम, बुध, गुरु या शुक्रवार को प्राथमिकता दें; पहले वास्तु/भूमि पूजा करें।
- शुभ चौघड़िया या अभिजित मुहूर्त में, राहु काल से बचते हुए, नींव-शिला (प्रायः ईशान कोण में) रखें।
महत्वपूर्ण: यह सामान्य मार्गदर्शन है, व्यक्तिगत मुहूर्त नहीं। अंतिम तिथि संबंधित कुंडली व क्षेत्रीय परंपरा देखते हुए योग्य पंडित से निश्चित करें। किसी संभावित तिथि पर चौघड़िया व राहु काल जाँचने हेतु मुहूर्त प्लानर.
Common questions
भूमि पूजन हेतु कौन-से मास शुभ हैं?
वैशाख, श्रावण, मार्गशीर्ष, माघ व फाल्गुन परंपरागत रूप से शुभ; निर्माण आरंभ हेतु चातुर्मास व अधिक मास टाले जाते हैं।
निर्माण आरंभ हेतु कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?
रोहिणी, तीनों उत्तरा, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, धनिष्ठा व रेवती जैसे स्थिर व सौम्य नक्षत्र।
भूमि पूजन हेतु कौन-से काल टालें?
चातुर्मास, अधिक मास, अमावस्या, रिक्ता तिथियाँ, ग्रहण-दिवस, तथा प्रायः मंगल, शनि व रविवार।
नींव-शिला किस दिशा में रखी जाती है?
वास्तु रीति अनुसार प्रथम शिला प्रायः ईशान (उत्तर-पूर्व) कोण में रखी जाती है; पंडित या वास्तु-विशेषज्ञ से पुष्टि करें।
सही समय कैसे चुनें?
शुभ चौघड़िया या अभिजित मुहूर्त चुनें व राहु काल से बचें — मुहूर्त प्लानर इन्हें आपके शहर व तिथि हेतु दिखाता है।