चैत्र नवरात्रि 2027 Chaitra Navratri
बुधवार, 7 अप्रैल 2027 · मार्च–अप्रैल
चैत्र नवरात्रि 2027 बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को है — यह पर्व 7–15 अप्रैल 2027 तक चलता है। शक्ति, शुद्धि व नई शुरुआत हेतु नौ रातें, नववर्ष व नए संकल्पों का शुभ समय। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (9 दिन) को पड़ता है।
चैत्र नवरात्रि 2027 तिथि
बुधवार, 7 अप्रैल 2027 · पर्व: 7–15 अप्रैल 2027
चैत्र नवरात्रि — वर्ष अनुसार तिथि
| 2026 | गुरुवार, 19 मार्च 2026 |
| 2027 | बुधवार, 7 अप्रैल 2027 |
तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।
चैत्र नवरात्रि की कथा
चैत्र नवरात्रि, वसंत की नौ रातें, देवी दुर्गा के नौ रूपों (नवदुर्गा) को समर्पित हैं। यह अनेक क्षेत्रों में हिंदू नववर्ष भी आरंभ करती है और इसके नौवें दिन राम नवमी आती है।
चैत्र नवरात्रि का महत्व
शक्ति, शुद्धि व नई शुरुआत हेतु नौ रातें, नववर्ष व नए संकल्पों का शुभ समय।
चैत्र नवरात्रि कैसे मनाया जाता है
- पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना)
- नौ दिन नवदुर्गा के एक-एक रूप की पूजा
- व्रत (कई फलाहार पर नौ दिन)
- जौ बोना व दुर्गा सप्तशती का पाठ
- अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन
क्षेत्रीय विविधता
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्कन में उगादि, सिंधियों में चेटी चंड व कश्मीर में नवरेह के साथ मेल खाती है।
चैत्र नवरात्रि के पकवान
चैत्र नवरात्रि पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: व्रत आहार — कुट्टू/सिंघाड़ा, साबूदाना, फल; व नववर्ष मिष्ठान्न जैसे श्रीखंड व पूरन पोली।
सुझाव
- पहले दिन कलश स्थापना कर नौ दिन का नियम रखें
- प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का पाठ करें
चैत्र नवरात्रि पर मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (9 दिन) को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
चैत्र नवरात्रि 2027 कब है?
चैत्र नवरात्रि 2027 बुधवार, 7 अप्रैल 2027 को है (पर्व 7–15 अप्रैल 2027 तक)। यह चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (9 दिन) को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।
चैत्र नवरात्रि क्यों मनाया जाता है?
चैत्र नवरात्रि, वसंत की नौ रातें, देवी दुर्गा के नौ रूपों (नवदुर्गा) को समर्पित हैं। यह अनेक क्षेत्रों में हिंदू नववर्ष भी आरंभ करती है और इसके नौवें दिन राम नवमी आती है।
चैत्र नवरात्रि कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना); नौ दिन नवदुर्गा के एक-एक रूप की पूजा; व्रत (कई फलाहार पर नौ दिन); जौ बोना व दुर्गा सप्तशती का पाठ।
चैत्र नवरात्रि विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, दक्कन में उगादि, सिंधियों में चेटी चंड व कश्मीर में नवरेह के साथ मेल खाती है।
चैत्र नवरात्रि पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: व्रत आहार — कुट्टू/सिंघाड़ा, साबूदाना, फल; व नववर्ष मिष्ठान्न जैसे श्रीखंड व पूरन पोली।