छठ पूजा Chhath Puja
कार्तिक शुक्ल षष्ठी · प्रायः अक्टूबर–नवंबर
छठ पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है, प्रायः अक्टूबर–नवंबर में। सबसे कठिन व श्रद्धेय व्रतों में एक, जो चार दिन कठोर उपवास व उगते-डूबते सूर्य को अर्घ्य सहित मनाया जाता है — जीवन के स्रोत का सम्मान।
छठ पूजा की कथा
छठ पूजा सूर्य व उनकी बहन छठी मैया को समर्पित प्राचीन आभार-पर्व है, जिसमें कल्याण, समृद्धि व संतान की कामना की जाती है। इसकी जड़ें वेदों व रामायण-महाभारत की सूर्य-उपासना तक जाती हैं।
छठ पूजा का महत्व
सबसे कठिन व श्रद्धेय व्रतों में एक, जो चार दिन कठोर उपवास व उगते-डूबते सूर्य को अर्घ्य सहित मनाया जाता है — जीवन के स्रोत का सम्मान।
छठ पूजा कैसे मनाया जाता है
- पहला दिन नहाय-खाय — स्नान व सात्विक भोजन
- दूसरा दिन खरना — दिनभर व्रत, संध्या को खीर से पारण
- तीसरा दिन संध्या अर्घ्य — जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य
- चौथा दिन उषा अर्घ्य — उगते सूर्य को अर्घ्य, फिर पारण
क्षेत्रीय विविधता
बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा नेपाल के तराई का प्रमुख पर्व, अब इन समुदायों द्वारा पूरे भारत व विदेश में।
छठ पूजा के पकवान
छठ पूजा पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: ठेकुआ, चावल-गुड़ की खीर, मौसमी फल व गन्ना।
सुझाव
- सूर्योदय-सूर्यास्त पर जल में खड़े होकर अर्घ्य दिया जाता है
- प्रसाद (ठेकुआ) शुद्ध व घर का बना रखें
छठ पूजा पर मुहूर्त
छठ पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
छठ पूजा कब मनाया जाता है?
छठ पूजा हिंदू चंद्र कैलेंडर में कार्तिक शुक्ल षष्ठी को पड़ता है, जो प्रायः अक्टूबर–नवंबर में आता है। सटीक तिथि हर वर्ष बदलती है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
छठ पूजा क्यों मनाया जाता है?
छठ पूजा सूर्य व उनकी बहन छठी मैया को समर्पित प्राचीन आभार-पर्व है, जिसमें कल्याण, समृद्धि व संतान की कामना की जाती है। इसकी जड़ें वेदों व रामायण-महाभारत की सूर्य-उपासना तक जाती हैं।
छठ पूजा कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: पहला दिन नहाय-खाय — स्नान व सात्विक भोजन; दूसरा दिन खरना — दिनभर व्रत, संध्या को खीर से पारण; तीसरा दिन संध्या अर्घ्य — जल में खड़े होकर डूबते सूर्य को अर्घ्य; चौथा दिन उषा अर्घ्य — उगते सूर्य को अर्घ्य, फिर पारण।
छठ पूजा विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
बिहार, झारखंड व पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा नेपाल के तराई का प्रमुख पर्व, अब इन समुदायों द्वारा पूरे भारत व विदेश में।
छठ पूजा पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: ठेकुआ, चावल-गुड़ की खीर, मौसमी फल व गन्ना।