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धनतेरस Dhanteras

कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी · प्रायः अक्टूबर–नवंबर

त्वरित उत्तर

धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को मनाया जाता है, प्रायः अक्टूबर–नवंबर में। स्वर्ण, चांदी, बर्तन व नई वस्तुएँ खरीदने हेतु अत्यंत शुभ माना जाता है, जो घर में समृद्धि व स्वास्थ्य का स्वागत है।

धनतेरस की कथा

धनतेरस (धनत्रयोदशी) दिवाली के पाँच दिनों का आरंभ है। यह देवताओं के वैद्य धन्वंतरि — जो समुद्र मंथन से अमृत-कलश लिए प्रकट हुए — और धन की देवी लक्ष्मी का सम्मान करता है।

धनतेरस का महत्व

स्वर्ण, चांदी, बर्तन व नई वस्तुएँ खरीदने हेतु अत्यंत शुभ माना जाता है, जो घर में समृद्धि व स्वास्थ्य का स्वागत है।

धनतेरस कैसे मनाया जाता है

  • स्वर्ण, चांदी, बर्तन या नई झाड़ू की खरीद
  • घर की सफ़ाई-सजावट व रंगोली
  • द्वार पर यम-दीपम जलाना
  • धन्वंतरि, लक्ष्मी व कुबेर की पूजा

क्षेत्रीय विविधता

पूरे भारत में दिवाली के आरंभ रूप में; आयुर्वेद में इसे धन्वंतरि जयंती / राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

धनतेरस के पकवान

धनतेरस पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: उत्सव मिठाई व मेवे

सुझाव

  • शुभ चौघड़िया में धातु या स्वर्ण खरीदें
  • संध्या को द्वार पर यम-दीपम जलाएँ

धनतेरस पर मुहूर्त

धनतेरस कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।

तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

सामान्य प्रश्न

धनतेरस कब मनाया जाता है?

धनतेरस हिंदू चंद्र कैलेंडर में कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी को पड़ता है, जो प्रायः अक्टूबर–नवंबर में आता है। सटीक तिथि हर वर्ष बदलती है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

धनतेरस क्यों मनाया जाता है?

धनतेरस (धनत्रयोदशी) दिवाली के पाँच दिनों का आरंभ है। यह देवताओं के वैद्य धन्वंतरि — जो समुद्र मंथन से अमृत-कलश लिए प्रकट हुए — और धन की देवी लक्ष्मी का सम्मान करता है।

धनतेरस कैसे मनाया जाता है?

मुख्य विधियाँ: स्वर्ण, चांदी, बर्तन या नई झाड़ू की खरीद; घर की सफ़ाई-सजावट व रंगोली; द्वार पर यम-दीपम जलाना; धन्वंतरि, लक्ष्मी व कुबेर की पूजा।

धनतेरस विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?

पूरे भारत में दिवाली के आरंभ रूप में; आयुर्वेद में इसे धन्वंतरि जयंती / राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

धनतेरस पर कौन-से पकवान बनते हैं?

पारंपरिक व्यंजन: उत्सव मिठाई व मेवे।