दशहरा 2027 Dussehra (Vijayadashami)
शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 · सितंबर–अक्टूबर
दशहरा 2027 शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को है। यह बुराई पर अच्छाई व अहंकार पर धर्म की विजय का पर्व है। यह नए कार्यों, विद्या व शस्त्र-पूजा हेतु शुभ मुहूर्त-दिन भी है। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में आश्विन शुक्ल दशमी को पड़ता है।
दशहरा 2027 तिथि
शनिवार, 9 अक्टूबर 2027
दशहरा — वर्ष अनुसार तिथि
| 2026 | मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 |
| 2027 | शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 |
| 2028 | बुधवार, 27 सितंबर 2028 |
तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।
दशहरा की कथा
दशहरा (विजयादशमी) दो महान विजयों को दर्शाता है — राम द्वारा रावण-वध और दुर्गा द्वारा महिषासुर-वध — नवरात्रि के दसवें दिन।
दशहरा का महत्व
यह बुराई पर अच्छाई व अहंकार पर धर्म की विजय का पर्व है। यह नए कार्यों, विद्या व शस्त्र-पूजा हेतु शुभ मुहूर्त-दिन भी है।
दशहरा कैसे मनाया जाता है
- संध्या को रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन
- नवरात्रि भर राम लीला का मंचन
- शस्त्र पूजा व आयुध पूजा — औज़ार, वाहन व यंत्रों की पूजा
- विद्यारंभ व नए कार्यों का आरंभ
क्षेत्रीय विविधता
उत्तर भारत (दिल्ली, वाराणसी) में रामलीला व रावण-दहन भव्य; मैसूर का दशहरा विश्वप्रसिद्ध; बंगाल में विजया दशमी पर दुर्गा विसर्जन व सिंदूर खेला।
दशहरा के पकवान
दशहरा पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: जलेबी, फाफड़ा (गुजरात), उत्सव मिठाई।
सुझाव
- संध्या को रावण-दहन देखें/सम्मिलित हों
- विद्या या नया उद्यम आरंभ करने हेतु शुभ दिन
दशहरा पर मुहूर्त
दशहरा आश्विन शुक्ल दशमी को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
दशहरा 2027 कब है?
दशहरा 2027 शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को है। यह आश्विन शुक्ल दशमी को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।
दशहरा क्यों मनाया जाता है?
दशहरा (विजयादशमी) दो महान विजयों को दर्शाता है — राम द्वारा रावण-वध और दुर्गा द्वारा महिषासुर-वध — नवरात्रि के दसवें दिन।
दशहरा कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: संध्या को रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन; नवरात्रि भर राम लीला का मंचन; शस्त्र पूजा व आयुध पूजा — औज़ार, वाहन व यंत्रों की पूजा; विद्यारंभ व नए कार्यों का आरंभ।
दशहरा विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
उत्तर भारत (दिल्ली, वाराणसी) में रामलीला व रावण-दहन भव्य; मैसूर का दशहरा विश्वप्रसिद्ध; बंगाल में विजया दशमी पर दुर्गा विसर्जन व सिंदूर खेला।
दशहरा पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: जलेबी, फाफड़ा (गुजरात), उत्सव मिठाई।