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गोवर्धन पूजा 2026 Govardhan Puja

सोमवार, 9 नवंबर 2026 · अक्टूबर–नवंबर

त्वरित उत्तर

गोवर्धन पूजा 2026 सोमवार, 9 नवंबर 2026 को है। यह प्रकृति की समृद्धि व कृष्ण की रक्षा का सम्मान करती है; आभार-स्वरूप अन्नकूट अर्पित किया जाता है। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को पड़ता है।

गोवर्धन पूजा 2026 तिथि

सोमवार, 9 नवंबर 2026

गोवर्धन पूजा — वर्ष अनुसार तिथि

2026सोमवार, 9 नवंबर 2026
2027शनिवार, 30 अक्टूबर 2027
2028बुधवार, 18 अक्टूबर 2028

तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।

गोवर्धन पूजा की कथा

गोवर्धन पूजा, दिवाली के अगले दिन, कृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को इंद्र की मूसलधार वर्षा से बचाने हेतु गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर उठाने का स्मरण कराती है — देवों के अहंकार पर प्रकृति-भक्ति की शिक्षा।

गोवर्धन पूजा का महत्व

यह प्रकृति की समृद्धि व कृष्ण की रक्षा का सम्मान करती है; आभार-स्वरूप अन्नकूट अर्पित किया जाता है।

गोवर्धन पूजा कैसे मनाया जाता है

  • गोबर या भोजन से गोवर्धन बनाकर पूजा
  • अन्नकूट — कृष्ण को अनेक शाकाहारी व्यंजनों का भोग
  • गाय व पशुओं का पूजन व श्रृंगार
  • ब्रज में गोवर्धन परिक्रमा

क्षेत्रीय विविधता

ब्रज (मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन) में भव्य; गुजराती नववर्स (बेस्तु वरस) व महाराष्ट्र में बलि प्रतिपदा के रूप में।

गोवर्धन पूजा के पकवान

गोवर्धन पूजा पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: अन्नकूट — अनेक व्यंजन; कढ़ी, मिश्रित सब्ज़ी व मिठाई।

सुझाव

  • कृष्ण को घर के बने व्यंजनों का अन्नकूट अर्पित करें
  • इस दिन गाय व प्रकृति का सम्मान करें

गोवर्धन पूजा पर मुहूर्त

गोवर्धन पूजा कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।

तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

सामान्य प्रश्न

गोवर्धन पूजा 2026 कब है?

गोवर्धन पूजा 2026 सोमवार, 9 नवंबर 2026 को है। यह कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।

गोवर्धन पूजा क्यों मनाया जाता है?

गोवर्धन पूजा, दिवाली के अगले दिन, कृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को इंद्र की मूसलधार वर्षा से बचाने हेतु गोवर्धन पर्वत को कनिष्ठा अंगुली पर उठाने का स्मरण कराती है — देवों के अहंकार पर प्रकृति-भक्ति की शिक्षा।

गोवर्धन पूजा कैसे मनाया जाता है?

मुख्य विधियाँ: गोबर या भोजन से गोवर्धन बनाकर पूजा; अन्नकूट — कृष्ण को अनेक शाकाहारी व्यंजनों का भोग; गाय व पशुओं का पूजन व श्रृंगार; ब्रज में गोवर्धन परिक्रमा।

गोवर्धन पूजा विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?

ब्रज (मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन) में भव्य; गुजराती नववर्स (बेस्तु वरस) व महाराष्ट्र में बलि प्रतिपदा के रूप में।

गोवर्धन पूजा पर कौन-से पकवान बनते हैं?

पारंपरिक व्यंजन: अन्नकूट — अनेक व्यंजन; कढ़ी, मिश्रित सब्ज़ी व मिठाई।