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गुरु पूर्णिमा 2027 Guru Purnima

रविवार, 18 जुलाई 2027 · जुलाई

त्वरित उत्तर

गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, 18 जुलाई 2027 को है। यह उस गुरु के प्रति कृतज्ञता का दिन है जो अंधकार (गु) को प्रकाश (रु) से मिटाता है। शिष्य अपने अध्ययन-संकल्प का नवीनीकरण करते हैं। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है।

गुरु पूर्णिमा 2027 तिथि

रविवार, 18 जुलाई 2027

गुरु पूर्णिमा — वर्ष अनुसार तिथि

2026बुधवार, 29 जुलाई 2026
2027रविवार, 18 जुलाई 2027
2028गुरुवार, 6 जुलाई 2028

तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।

गुरु पूर्णिमा की कथा

गुरु पूर्णिमा समस्त गुरुओं व शिक्षकों, विशेषकर वेदों के संकलनकर्ता व महाभारत के रचयिता महर्षि व्यास — जिनका जन्म इसी पूर्णिमा को हुआ — का सम्मान करती है; इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

यह उस गुरु के प्रति कृतज्ञता का दिन है जो अंधकार (गु) को प्रकाश (रु) से मिटाता है। शिष्य अपने अध्ययन-संकल्प का नवीनीकरण करते हैं।

गुरु पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है

  • अपने गुरु का सम्मान व दक्षिणा अर्पण
  • गुरु स्तोत्र व व्यास-रचनाओं का पाठ
  • अध्ययन/साधना का आरंभ (कई साधक चातुर्मास व्रत आरंभ करते हैं)
  • दान व सेवा

क्षेत्रीय विविधता

हिंदुओं के साथ बौद्ध (सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्मरण) व जैन भी मनाते हैं।

गुरु पूर्णिमा के पकवान

गुरु पूर्णिमा पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: सात्विक भोजन, खीर व फल।

सुझाव

  • अपने जीवन के किसी शिक्षक/मार्गदर्शक का सम्मान करें
  • अध्ययन या साधना आरंभ करने हेतु शुभ दिन

गुरु पूर्णिमा पर मुहूर्त

गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।

तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।

सामान्य प्रश्न

गुरु पूर्णिमा 2027 कब है?

गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, 18 जुलाई 2027 को है। यह आषाढ़ पूर्णिमा को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।

गुरु पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है?

गुरु पूर्णिमा समस्त गुरुओं व शिक्षकों, विशेषकर वेदों के संकलनकर्ता व महाभारत के रचयिता महर्षि व्यास — जिनका जन्म इसी पूर्णिमा को हुआ — का सम्मान करती है; इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।

गुरु पूर्णिमा कैसे मनाया जाता है?

मुख्य विधियाँ: अपने गुरु का सम्मान व दक्षिणा अर्पण; गुरु स्तोत्र व व्यास-रचनाओं का पाठ; अध्ययन/साधना का आरंभ (कई साधक चातुर्मास व्रत आरंभ करते हैं); दान व सेवा।

गुरु पूर्णिमा विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?

हिंदुओं के साथ बौद्ध (सारनाथ में बुद्ध के प्रथम उपदेश का स्मरण) व जैन भी मनाते हैं।

गुरु पूर्णिमा पर कौन-से पकवान बनते हैं?

पारंपरिक व्यंजन: सात्विक भोजन, खीर व फल।