हनुमान जयंती Hanuman Jayanti
चैत्र पूर्णिमा · प्रायः अप्रैल
हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है, प्रायः अप्रैल में। भक्त साहस, रक्षा व संकटों से मुक्ति (विशेषकर शनि के प्रभाव से) की कामना करते हैं। यह बल व अटूट भक्ति का दिन है।
हनुमान जयंती की कथा
हनुमान जयंती भगवान हनुमान — राम के परम भक्त, अंजना व पवनदेव के पुत्र — के जन्म का उत्सव है, जिनकी भक्ति, बल व ब्रह्मचर्य उन्हें प्रिय रक्षक बनाते हैं।
हनुमान जयंती का महत्व
भक्त साहस, रक्षा व संकटों से मुक्ति (विशेषकर शनि के प्रभाव से) की कामना करते हैं। यह बल व अटूट भक्ति का दिन है।
हनुमान जयंती कैसे मनाया जाता है
- हनुमान चालीसा, सुंदरकांड व बजरंग बाण का पाठ
- हनुमान को सिंदूर व पत्तों की माला अर्पित करना
- मंगल या शनि को व्रत व हनुमान मंदिर के दर्शन
- ज़रूरतमंदों की सेवा व भोजन
क्षेत्रीय विविधता
उत्तर में चैत्र पूर्णिमा को; तमिलनाडु व महाराष्ट्र जैसे क्षेत्र स्थानीय परंपरा अनुसार भिन्न दिन मनाते हैं।
हनुमान जयंती के पकवान
हनुमान जयंती पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: बूंदी लड्डू, गुड़-चने का प्रसाद।
सुझाव
- हनुमान चालीसा का पाठ करें; मंदिर में सिंदूर अर्पित करें
- साहस या अनुशासन का संकल्प आरंभ करने हेतु शुभ दिन
हनुमान जयंती पर मुहूर्त
हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
हनुमान जयंती कब मनाया जाता है?
हनुमान जयंती हिंदू चंद्र कैलेंडर में चैत्र पूर्णिमा को पड़ता है, जो प्रायः अप्रैल में आता है। सटीक तिथि हर वर्ष बदलती है — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
हनुमान जयंती क्यों मनाया जाता है?
हनुमान जयंती भगवान हनुमान — राम के परम भक्त, अंजना व पवनदेव के पुत्र — के जन्म का उत्सव है, जिनकी भक्ति, बल व ब्रह्मचर्य उन्हें प्रिय रक्षक बनाते हैं।
हनुमान जयंती कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: हनुमान चालीसा, सुंदरकांड व बजरंग बाण का पाठ; हनुमान को सिंदूर व पत्तों की माला अर्पित करना; मंगल या शनि को व्रत व हनुमान मंदिर के दर्शन; ज़रूरतमंदों की सेवा व भोजन।
हनुमान जयंती विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
उत्तर में चैत्र पूर्णिमा को; तमिलनाडु व महाराष्ट्र जैसे क्षेत्र स्थानीय परंपरा अनुसार भिन्न दिन मनाते हैं।
हनुमान जयंती पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: बूंदी लड्डू, गुड़-चने का प्रसाद।