करवा चौथ 2027 Karva Chauth
सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 · अक्टूबर–नवंबर
करवा चौथ 2027 सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को है। यह वैवाहिक प्रेम व निष्ठा का दिन है; व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को पड़ता है।
करवा चौथ 2027 तिथि
सोमवार, 18 अक्टूबर 2027
करवा चौथ — वर्ष अनुसार तिथि
| 2026 | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 |
| 2027 | सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 |
तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।
करवा चौथ की कथा
करवा चौथ विवाहित स्त्रियों द्वारा पति की दीर्घायु व कल्याण हेतु रखा जाने वाला व्रत है, जिसकी जड़ें वीरवती व सावित्री जैसी पतिव्रता स्त्रियों की कथाओं में हैं।
करवा चौथ का महत्व
यह वैवाहिक प्रेम व निष्ठा का दिन है; व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रखा जाता है।
करवा चौथ कैसे मनाया जाता है
- सूर्योदय से पूर्व सास द्वारा दी गई सरगी
- दिनभर निर्जल व्रत
- संध्या को सामूहिक पूजा व करवा चौथ कथा श्रवण
- छलनी से चंद्र-दर्शन, फिर पति का मुख देखकर व्रत खोलना
क्षेत्रीय विविधता
उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत — पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, दिल्ली व मध्य प्रदेश में प्रमुख।
करवा चौथ के पकवान
करवा चौथ पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: सरगी (फेनी, मेवे, फल); चंद्रोदय के बाद फेनी, मठरी व उत्सव-भोज।
सुझाव
- सूर्योदय से पूर्व पौष्टिक सरगी लें
- पूजा थाली तैयार करें व स्थानीय चंद्रोदय समय देखें
करवा चौथ पर मुहूर्त
करवा चौथ कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
करवा चौथ 2027 कब है?
करवा चौथ 2027 सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को है। यह कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।
करवा चौथ क्यों मनाया जाता है?
करवा चौथ विवाहित स्त्रियों द्वारा पति की दीर्घायु व कल्याण हेतु रखा जाने वाला व्रत है, जिसकी जड़ें वीरवती व सावित्री जैसी पतिव्रता स्त्रियों की कथाओं में हैं।
करवा चौथ कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: सूर्योदय से पूर्व सास द्वारा दी गई सरगी; दिनभर निर्जल व्रत; संध्या को सामूहिक पूजा व करवा चौथ कथा श्रवण; छलनी से चंद्र-दर्शन, फिर पति का मुख देखकर व्रत खोलना।
करवा चौथ विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
उत्तर व उत्तर-पश्चिम भारत — पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, दिल्ली व मध्य प्रदेश में प्रमुख।
करवा चौथ पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: सरगी (फेनी, मेवे, फल); चंद्रोदय के बाद फेनी, मठरी व उत्सव-भोज।