महाशिवरात्रि 2027 Maha Shivratri
शनिवार, 6 मार्च 2027 · फ़रवरी–मार्च
महाशिवरात्रि 2027 शनिवार, 6 मार्च 2027 को है। यह शिव भक्तों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रात्रि है, व्रत व रात्रि-जागरण सहित मनाई जाती है। यह रात ध्यान, संयम व आत्म-जागरण हेतु अत्यंत फलदायी मानी जाती है। यह हिंदू चंद्र कैलेंडर में फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ता है।
महाशिवरात्रि 2027 तिथि
शनिवार, 6 मार्च 2027
महाशिवरात्रि — वर्ष अनुसार तिथि
| 2026 | रविवार, 15 फ़रवरी 2026 |
| 2027 | शनिवार, 6 मार्च 2027 |
| 2028 | मंगलवार, 22 फ़रवरी 2028 |
तिथि कई पंचांग स्रोतों से मिलाई गई; क्षेत्रीय रूप से एक दिन का अंतर संभव।
महाशिवरात्रि की कथा
महाशिवरात्रि 'शिव की महान रात्रि' है — इसे शिव के तांडव की रात, शिव-पार्वती विवाह की रात, और समुद्र मंथन में हलाहल विष पीकर संसार की रक्षा की रात से जोड़ा जाता है।
महाशिवरात्रि का महत्व
यह शिव भक्तों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रात्रि है, व्रत व रात्रि-जागरण सहित मनाई जाती है। यह रात ध्यान, संयम व आत्म-जागरण हेतु अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है
- दिनभर उपवास (कई निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं)
- शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद व बेलपत्र से अभिषेक
- बेलपत्र, धतूरा व भांग अर्पित करना
- चार प्रहर का रात्रि जागरण व 'ॐ नमः शिवाय' का जाप
- शिव मंदिरों व ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
क्षेत्रीय विविधता
पूरे भारत में; बारह ज्योतिर्लिंगों, वाराणसी, उज्जैन (महाकालेश्वर) व सोमनाथ में विशेष भव्यता, और नेपाल के पशुपतिनाथ में महातीर्थ।
महाशिवरात्रि के पकवान
महाशिवरात्रि पर बनने वाले पारंपरिक व्यंजन: व्रत आहार — साबूदाना खिचड़ी, फल, कुट्टू/सिंघाड़े के व्यंजन, ठंडाई।
सुझाव
- उपवास रखें और 'ॐ नमः शिवाय' सहित रात्रि जागरण करें
- शिवलिंग पर बेलपत्र व जल अर्पित करें
महाशिवरात्रि पर मुहूर्त
महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ता है। दिन का शुभ समय चुनने हेतु अपने शहर का मुहूर्त प्लानर खोलें और चौघड़िया व त्यागने योग्य राहु काल देखें। विवाह/गृह प्रवेश हेतु मुहूर्त पंडित से निश्चित करें।
तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित है और हर वर्ष बदलती है; क्षेत्रीय परंपरा में एक दिन का अंतर संभव — स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
महाशिवरात्रि 2027 कब है?
महाशिवरात्रि 2027 शनिवार, 6 मार्च 2027 को है। यह फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को पड़ता है; चंद्र कैलेंडर के कारण ग्रेगोरियन तिथि हर वर्ष बदलती है।
महाशिवरात्रि क्यों मनाया जाता है?
महाशिवरात्रि 'शिव की महान रात्रि' है — इसे शिव के तांडव की रात, शिव-पार्वती विवाह की रात, और समुद्र मंथन में हलाहल विष पीकर संसार की रक्षा की रात से जोड़ा जाता है।
महाशिवरात्रि कैसे मनाया जाता है?
मुख्य विधियाँ: दिनभर उपवास (कई निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं); शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद व बेलपत्र से अभिषेक; बेलपत्र, धतूरा व भांग अर्पित करना; चार प्रहर का रात्रि जागरण व 'ॐ नमः शिवाय' का जाप।
महाशिवरात्रि विभिन्न क्षेत्रों में कैसे मनाया जाता है?
पूरे भारत में; बारह ज्योतिर्लिंगों, वाराणसी, उज्जैन (महाकालेश्वर) व सोमनाथ में विशेष भव्यता, और नेपाल के पशुपतिनाथ में महातीर्थ।
महाशिवरात्रि पर कौन-से पकवान बनते हैं?
पारंपरिक व्यंजन: व्रत आहार — साबूदाना खिचड़ी, फल, कुट्टू/सिंघाड़े के व्यंजन, ठंडाई।