द्वितीया तिथि Dwitiya
दूसरी तिथि · अधिष्ठाता ब्रह्मा · भद्रा तिथि
द्वितीया (Dwitiya) दूसरी चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता ब्रह्मा हैं और जो एक भद्रा तिथि है (स्वास्थ्यप्रद — व्यापार, नींव और स्वास्थ्य हेतु शुभ)। द्वितीया, दूसरी तिथि, आरंभ किए गए कार्य को आगे बढ़ाने की तिथि है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: ब्रह्मा।
- स्वभाव: भद्रा — स्वास्थ्यप्रद — व्यापार, नींव और स्वास्थ्य हेतु शुभ।
- एक भद्रा (स्वास्थ्यप्रद) तिथि, जो नींव रखने, निर्माण व स्थिर वृद्धि हेतु शुभ है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
द्वितीया — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | ब्रह्मा |
| स्वभाव | भद्रा — स्वास्थ्यप्रद — व्यापार, नींव और स्वास्थ्य हेतु शुभ |
| स्थिति | दूसरी तिथि (हर पक्ष में) |
द्वितीया तिथि क्या है?
द्वितीया, दूसरी तिथि, आरंभ किए गए कार्य को आगे बढ़ाने की तिथि है। चंद्र दिवस होने के कारण द्वितीया किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही द्वितीया को दिन की तिथि मानता है।
द्वितीया के अधिष्ठाता देव
यह सृष्टिकर्ता ब्रह्मा व अश्विनी कुमारों से जुड़ी है। द्वितीया के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: भद्रा तिथि
द्वितीया तिथियों के भद्रा वर्ग में आती है, जो स्वास्थ्यप्रद — व्यापार, नींव और स्वास्थ्य हेतु शुभ। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
द्वितीया के त्योहार व व्रत
कार्तिक शुक्ल द्वितीया भाई दूज है, जो भाई-बहन के बंधन का सम्मान करती है।
- भाई दूज (यम द्वितीया) — कार्तिक शुक्ल द्वितीया — बहनें भाइयों का सम्मान करती हैं
- जगन्नाथ रथ यात्रा — आषाढ़ शुक्ल द्वितीया, पुरी में
द्वितीया पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
द्वितीया तिथि किसके लिए शुभ है
एक भद्रा (स्वास्थ्यप्रद) तिथि, जो नींव रखने, निर्माण व स्थिर वृद्धि हेतु शुभ है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में द्वितीया
आज द्वितीया है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
द्वितीया तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
द्वितीया तिथि के अधिष्ठाता ब्रह्मा हैं। यह सृष्टिकर्ता ब्रह्मा व अश्विनी कुमारों से जुड़ी है।
द्वितीया को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
कार्तिक शुक्ल द्वितीया भाई दूज है, जो भाई-बहन के बंधन का सम्मान करती है।
क्या द्वितीया शुभ तिथि है?
एक भद्रा (स्वास्थ्यप्रद) तिथि, जो नींव रखने, निर्माण व स्थिर वृद्धि हेतु शुभ है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
भद्रा तिथि क्या होती है?
भद्रा तिथियाँ स्वास्थ्यप्रद — व्यापार, नींव और स्वास्थ्य हेतु शुभ। द्वितीया उनमें से एक है।