तृतीया तिथि Tritiya
तीसरी तिथि · अधिष्ठाता गौरी (पार्वती) · जया तिथि
तृतीया (Tritiya) तीसरी चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता गौरी (पार्वती) हैं और जो एक जया तिथि है (विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु)। तृतीया, तीसरी तिथि, शुभ, स्त्रैण व सृजनात्मक ऊर्जा लिए है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: गौरी (पार्वती)।
- स्वभाव: जया — विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु।
- एक जया (विजयी) तिथि, जो शुभ खरीद, कला व विवाह-संबंधी अनुष्ठानों हेतु उत्तम है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
तृतीया — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | गौरी (पार्वती) |
| स्वभाव | जया — विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु |
| स्थिति | तीसरी तिथि (हर पक्ष में) |
तृतीया तिथि क्या है?
तृतीया, तीसरी तिथि, शुभ, स्त्रैण व सृजनात्मक ऊर्जा लिए है। चंद्र दिवस होने के कारण तृतीया किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही तृतीया को दिन की तिथि मानता है।
तृतीया के अधिष्ठाता देव
इसके अधिष्ठाता गौरी (पार्वती) हैं। तृतीया के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: जया तिथि
तृतीया तिथियों के जया वर्ग में आती है, जो विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
तृतीया के त्योहार व व्रत
अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल), तीज व गणगौर तृतीया को पड़ते हैं; यह स्त्रियों के व्रतों की प्रिय तिथि है।
- अक्षय तृतीया — वैशाख शुक्ल तृतीया — नए कार्यों व स्वर्ण खरीद हेतु वर्ष के सबसे शुभ दिनों में
- हरतालिका तीज — भाद्रपद शुक्ल तृतीया
- हरियाली तीज — श्रावण शुक्ल तृतीया
- गणगौर (गौरी तृतीया) — चैत्र शुक्ल तृतीया
- कजरी तीज — भाद्रपद कृष्ण तृतीया
तृतीया पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
तृतीया तिथि किसके लिए शुभ है
एक जया (विजयी) तिथि, जो शुभ खरीद, कला व विवाह-संबंधी अनुष्ठानों हेतु उत्तम है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में तृतीया
आज तृतीया है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
तृतीया तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
तृतीया तिथि के अधिष्ठाता गौरी (पार्वती) हैं। इसके अधिष्ठाता गौरी (पार्वती) हैं।
तृतीया को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल), तीज व गणगौर तृतीया को पड़ते हैं; यह स्त्रियों के व्रतों की प्रिय तिथि है।
क्या तृतीया शुभ तिथि है?
एक जया (विजयी) तिथि, जो शुभ खरीद, कला व विवाह-संबंधी अनुष्ठानों हेतु उत्तम है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
जया तिथि क्या होती है?
जया तिथियाँ विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु। तृतीया उनमें से एक है।