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शुक्रवार Friday

स्वामी ग्रह शुक्र · देवी लक्ष्मी / दुर्गा को समर्पित · रंग श्वेत

त्वरित उत्तर

शुक्रवार (Friday) का स्वामी ग्रह शुक्र है और यह देवी लक्ष्मी / दुर्गा को समर्पित है। शुक्र प्रेम, सौंदर्य, कला, विलासिता, सुख-सुविधा व विवाह का कारक है। इसका रंग श्वेत है, और यह पारंपरिक रूप से विवाह, कला, विलासिता और संबंध हेतु शुभ है।

मुख्य बातें

  • स्वामी ग्रह: शुक्र; देवता: देवी लक्ष्मी / दुर्गा
  • विवाह, कला, विलासिता और संबंध हेतु शुभ।
  • शुक्रवार व्रत (संतोषी माँ व वैभव लक्ष्मी) समृद्धि व वैवाहिक सुख हेतु रखा जाता है।
  • शुभ रंग: श्वेत।

शुक्रवार — एक दृष्टि में

स्वामी ग्रहशुक्र
देवतादेवी लक्ष्मी / दुर्गा
रंगश्वेत
शुभ कार्यविवाह, कला, विलासिता और संबंध

शुक्रवार का स्वामी ग्रह

शुक्र प्रेम, सौंदर्य, कला, विलासिता, सुख-सुविधा व विवाह का कारक है। शुक्र का स्वभाव इस दिन के हर शुभ कार्य को प्रभावित करता है।

शुक्रवार की पूजा व देवता

देवी लक्ष्मी, दुर्गा व संतोषी माँ की उपासना होती है।

शुक्रवार व्रत

शुक्रवार व्रत (संतोषी माँ व वैभव लक्ष्मी) समृद्धि व वैवाहिक सुख हेतु रखा जाता है।

शुक्रवार के व्रत व विशेष दिन

साप्ताहिक शुक्रवार व्रत के अतिरिक्त, जब कोई विशेष तिथि या नक्षत्र शुक्रवार के साथ मिलता है तो कई व्रत-पर्व बनते हैं — वार अपने ग्रह की शक्ति उस दिन को देता है।

  • शुक्रवार व्रत — संतोषी माँ व वैभव लक्ष्मी हेतु साप्ताहिक व्रत — समृद्धि व दांपत्य सुख हेतु
  • वैभव लक्ष्मी व्रत — शुक्रवार का लक्ष्मी व्रत, प्रायः निश्चित सप्ताहों तक
  • देवी पूजा — शुक्रवार व नवरात्रि के शुक्रवार देवी को समर्पित
  • संतोषी माँ व्रत — सोलह शुक्रवार का संतोषी माँ व्रत

ये वर्ष भर बदलती तिथियों पर आते हैं; अगली तिथि हेतु त्योहार सूची, आज का पंचांग या स्थानीय पंचांग देखें।

शुक्रवार के उपाय

लक्ष्मी की पूजा करें, (मार्गदर्शन के बाद) हीरा या श्वेत पुखराज धारण करें, श्वेत मिष्ठान्न का दान करें व स्त्रियों का सम्मान करें। उपाय सहायक अभ्यास हैं; रत्न केवल योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही धारण करें।

शुक्रवार को क्या टालें

कुछ लोग लोहा खरीदना व अत्यधिक खट्टा-नमकीन भोजन करना टालते हैं। ये पारंपरिक रीतियाँ हैं और परिवार व क्षेत्र अनुसार भिन्न होती हैं।

शुक्रवार का समय व राहु काल

वार दिन के अशुभ समय तय करता है। शुक्रवार को अपने शहर का सटीक राहु काल, यमगंड व गुलिक देखें, और महत्वपूर्ण कार्य हेतु शुभ चौघड़िया चुनें। सभी वार या पंचांग गाइड देखें।

वार की रीतियाँ परंपरा पर आधारित हैं और क्षेत्र व परिवार अनुसार भिन्न होती हैं; व्यक्तिगत उपाय हेतु योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।

सामान्य प्रश्न

शुक्रवार का स्वामी ग्रह व देवता कौन हैं?

शुक्रवार (Friday) का स्वामी ग्रह शुक्र है और यह देवी लक्ष्मी / दुर्गा को समर्पित है।

शुक्रवार व्रत क्या है?

शुक्रवार व्रत (संतोषी माँ व वैभव लक्ष्मी) समृद्धि व वैवाहिक सुख हेतु रखा जाता है।

शुक्रवार को क्या करना चाहिए?

देवी लक्ष्मी, दुर्गा व संतोषी माँ की उपासना होती है। यह विवाह, कला, विलासिता और संबंध हेतु शुभ है।

शुक्रवार को क्या टालना चाहिए?

कुछ लोग लोहा खरीदना व अत्यधिक खट्टा-नमकीन भोजन करना टालते हैं।

शुक्रवार को राहु काल कब होता है?

राहु काल दिन के एक निश्चित आठवें भाग में पड़ता है जो वार से तय होता है; अपने शहर का सटीक शुक्रवार राहु काल राहु-काल पृष्ठों पर देखें।