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रविवार Sunday

स्वामी ग्रह सूर्य · भगवान सूर्य को समर्पित · रंग लाल

त्वरित उत्तर

रविवार (Sunday) का स्वामी ग्रह सूर्य है और यह भगवान सूर्य को समर्पित है। सूर्य आत्मा, ओज, अधिकार, पिता व स्वास्थ्य का कारक है। इसका रंग लाल है, और यह पारंपरिक रूप से स्वास्थ्य, अधिकार और सरकारी कार्य हेतु शुभ है।

मुख्य बातें

  • स्वामी ग्रह: सूर्य; देवता: भगवान सूर्य
  • स्वास्थ्य, अधिकार और सरकारी कार्य हेतु शुभ।
  • रविवार व्रत स्वास्थ्य हेतु व कमज़ोर सूर्य को बल देने हेतु रखा जाता है; भक्त प्रायः एक समय भोजन कर नमक व तेल त्यागते हैं।
  • शुभ रंग: लाल।

रविवार — एक दृष्टि में

स्वामी ग्रहसूर्य
देवताभगवान सूर्य
रंगलाल
शुभ कार्यस्वास्थ्य, अधिकार और सरकारी कार्य

रविवार का स्वामी ग्रह

सूर्य आत्मा, ओज, अधिकार, पिता व स्वास्थ्य का कारक है। सूर्य का स्वभाव इस दिन के हर शुभ कार्य को प्रभावित करता है।

रविवार की पूजा व देवता

सूर्य की उपासना सूर्योदय पर अर्घ्य देकर व आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से होती है।

रविवार व्रत

रविवार व्रत स्वास्थ्य हेतु व कमज़ोर सूर्य को बल देने हेतु रखा जाता है; भक्त प्रायः एक समय भोजन कर नमक व तेल त्यागते हैं।

रविवार के व्रत व विशेष दिन

साप्ताहिक रविवार व्रत के अतिरिक्त, जब कोई विशेष तिथि या नक्षत्र रविवार के साथ मिलता है तो कई व्रत-पर्व बनते हैं — वार अपने ग्रह की शक्ति उस दिन को देता है।

  • रविवार व्रत — सूर्य हेतु साप्ताहिक व्रत — एक समय भोजन, प्रायः नमक-रहित, लाल अर्पण सहित
  • रवि पुष्य योग — रविवार को पुष्य नक्षत्र — स्वर्ण खरीद व नए कार्य हेतु शुभ
  • भानु सप्तमी — रविवार को पड़ने वाली सप्तमी, सूर्य को समर्पित
  • सूर्य उपासना — सूर्य नमस्कार, आदित्य हृदय व सूर्य को अर्घ्य

ये वर्ष भर बदलती तिथियों पर आते हैं; अगली तिथि हेतु त्योहार सूची, आज का पंचांग या स्थानीय पंचांग देखें।

रविवार के उपाय

सूर्य को जल दें, (मार्गदर्शन के बाद) स्वर्ण या ताँबे में माणिक धारण करें, और गेहूँ, गुड़ व ताँबे का दान करें। उपाय सहायक अभ्यास हैं; रत्न केवल योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही धारण करें।

रविवार को क्या टालें

तेल खरीदना या लगाना, बाल कटवाना और तैलीय-नमकीन भोजन पारंपरिक रूप से टाला जाता है। ये पारंपरिक रीतियाँ हैं और परिवार व क्षेत्र अनुसार भिन्न होती हैं।

रविवार का समय व राहु काल

वार दिन के अशुभ समय तय करता है। रविवार को अपने शहर का सटीक राहु काल, यमगंड व गुलिक देखें, और महत्वपूर्ण कार्य हेतु शुभ चौघड़िया चुनें। सभी वार या पंचांग गाइड देखें।

वार की रीतियाँ परंपरा पर आधारित हैं और क्षेत्र व परिवार अनुसार भिन्न होती हैं; व्यक्तिगत उपाय हेतु योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।

सामान्य प्रश्न

रविवार का स्वामी ग्रह व देवता कौन हैं?

रविवार (Sunday) का स्वामी ग्रह सूर्य है और यह भगवान सूर्य को समर्पित है।

रविवार व्रत क्या है?

रविवार व्रत स्वास्थ्य हेतु व कमज़ोर सूर्य को बल देने हेतु रखा जाता है; भक्त प्रायः एक समय भोजन कर नमक व तेल त्यागते हैं।

रविवार को क्या करना चाहिए?

सूर्य की उपासना सूर्योदय पर अर्घ्य देकर व आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ से होती है। यह स्वास्थ्य, अधिकार और सरकारी कार्य हेतु शुभ है।

रविवार को क्या टालना चाहिए?

तेल खरीदना या लगाना, बाल कटवाना और तैलीय-नमकीन भोजन पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रविवार को राहु काल कब होता है?

राहु काल दिन के एक निश्चित आठवें भाग में पड़ता है जो वार से तय होता है; अपने शहर का सटीक रविवार राहु काल राहु-काल पृष्ठों पर देखें।