अष्टमी तिथि Ashtami
आठवीं तिथि · अधिष्ठाता शिव (रुद्र) · जया तिथि
अष्टमी (Ashtami) आठवीं चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता शिव (रुद्र) हैं और जो एक जया तिथि है (विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु)। अष्टमी, आठवीं तिथि, शक्तिशाली है और शिव व देवी को समर्पित है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: शिव (रुद्र)।
- स्वभाव: जया — विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु।
- एक जया तिथि, जो शक्ति, वीरता व भक्ति के कार्यों हेतु उपयुक्त है; कुछ सामान्य शुभ कार्य सावधानी से किए जाते हैं।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
अष्टमी — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | शिव (रुद्र) |
| स्वभाव | जया — विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु |
| स्थिति | आठवीं तिथि (हर पक्ष में) |
अष्टमी तिथि क्या है?
अष्टमी, आठवीं तिथि, शक्तिशाली है और शिव व देवी को समर्पित है। चंद्र दिवस होने के कारण अष्टमी किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही अष्टमी को दिन की तिथि मानता है।
अष्टमी के अधिष्ठाता देव
यह रुद्र (शिव) व दुर्गा से जुड़ी है। अष्टमी के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: जया तिथि
अष्टमी तिथियों के जया वर्ग में आती है, जो विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
अष्टमी के त्योहार व व्रत
कृष्ण जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी), नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी व मासिक कालाष्टमी अष्टमी को पड़ते हैं।
- कृष्ण जन्माष्टमी — भाद्रपद कृष्ण अष्टमी — कृष्ण का जन्म
- दुर्गा अष्टमी (महा अष्टमी) — आश्विन शुक्ल अष्टमी, शारदीय नवरात्रि में
- अहोई अष्टमी — कार्तिक कृष्ण अष्टमी
- राधा अष्टमी — भाद्रपद शुक्ल अष्टमी
- कालाष्टमी — हर कृष्ण पक्ष अष्टमी, भैरव को समर्पित
अष्टमी पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
अष्टमी तिथि किसके लिए शुभ है
एक जया तिथि, जो शक्ति, वीरता व भक्ति के कार्यों हेतु उपयुक्त है; कुछ सामान्य शुभ कार्य सावधानी से किए जाते हैं। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में अष्टमी
आज अष्टमी है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
अष्टमी तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
अष्टमी तिथि के अधिष्ठाता शिव (रुद्र) हैं। यह रुद्र (शिव) व दुर्गा से जुड़ी है।
अष्टमी को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
कृष्ण जन्माष्टमी (भाद्रपद कृष्ण अष्टमी), नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी व मासिक कालाष्टमी अष्टमी को पड़ते हैं।
क्या अष्टमी शुभ तिथि है?
एक जया तिथि, जो शक्ति, वीरता व भक्ति के कार्यों हेतु उपयुक्त है; कुछ सामान्य शुभ कार्य सावधानी से किए जाते हैं।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
जया तिथि क्या होती है?
जया तिथियाँ विजयी — विवाद व साहसी कार्य हेतु। अष्टमी उनमें से एक है।