एकादशी तिथि Ekadashi
ग्यारहवीं तिथि · अधिष्ठाता विश्वेदेव / विष्णु · नंदा तिथि
एकादशी (Ekadashi) ग्यारहवीं चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता विश्वेदेव / विष्णु हैं और जो एक नंदा तिथि है (आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ)। एकादशी, ग्यारहवीं तिथि, विष्णु का महान उपवास-दिवस है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: विश्वेदेव / विष्णु।
- स्वभाव: नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ।
- एक नंदा तिथि, जो उपवास, दान व साधना हेतु आदर्श है; भारी अन्न त्याग दिया जाता है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
एकादशी — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | विश्वेदेव / विष्णु |
| स्वभाव | नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ |
| स्थिति | ग्यारहवीं तिथि (हर पक्ष में) |
एकादशी तिथि क्या है?
एकादशी, ग्यारहवीं तिथि, विष्णु का महान उपवास-दिवस है। चंद्र दिवस होने के कारण एकादशी किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही एकादशी को दिन की तिथि मानता है।
एकादशी के अधिष्ठाता देव
यह भगवान विष्णु (व विश्वेदेवों) को समर्पित है। एकादशी के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: नंदा तिथि
एकादशी तिथियों के नंदा वर्ग में आती है, जो आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
एकादशी के त्योहार व व्रत
सभी 24 नामित एकादशी व्रत यहीं पड़ते हैं — निर्जला से प्रबोधिनी तक; भक्त उपवास कर विष्णु की पूजा करते हैं।
- 24 एकादशी — हर शुक्ल व कृष्ण पक्ष एकादशी — भगवान विष्णु के उपवास व्रत
- निर्जला एकादशी — ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी — सबसे कठोर
- देवशयनी व प्रबोधिनी एकादशी — चार मास के चातुर्मास का आरंभ व अंत
- मोक्षदा (वैकुंठ) एकादशी — मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी, गीता जयंती सहित
एकादशी पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
एकादशी तिथि किसके लिए शुभ है
एक नंदा तिथि, जो उपवास, दान व साधना हेतु आदर्श है; भारी अन्न त्याग दिया जाता है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में एकादशी
आज एकादशी है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
एकादशी तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
एकादशी तिथि के अधिष्ठाता विश्वेदेव / विष्णु हैं। यह भगवान विष्णु (व विश्वेदेवों) को समर्पित है।
एकादशी को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
सभी 24 नामित एकादशी व्रत यहीं पड़ते हैं — निर्जला से प्रबोधिनी तक; भक्त उपवास कर विष्णु की पूजा करते हैं।
क्या एकादशी शुभ तिथि है?
एक नंदा तिथि, जो उपवास, दान व साधना हेतु आदर्श है; भारी अन्न त्याग दिया जाता है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
नंदा तिथि क्या होती है?
नंदा तिथियाँ आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। एकादशी उनमें से एक है।