एकादशी — तिथियाँ व 24 एकादशी व्रत
एकादशी ग्यारहवीं चंद्र-तिथि है, जो भगवान विष्णु को समर्पित उपवास के साथ मनाई जाती है। यह प्रत्येक चंद्र मास में दो बार आती है, जिससे वर्ष में 24 नामित एकादशी होती हैं (अधिक-मास वर्ष में 26)।
त्वरित उत्तर
अगली एकादशी शुक्ल पक्ष एकादशी, मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को है। आगामी एकादशी तिथियाँ सटीक हैं; 24 नामित एकादशी (चंद्र मास अनुसार) नीचे संदर्भ हेतु दी गई हैं।
आगामी एकादशी तिथियाँ
| तिथि | एकादशी |
|---|---|
| मंगलवार, 22 सितंबर 2026 | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| गुरुवार, 5 नवंबर 2026 | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| शनिवार, 21 नवंबर 2026 | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| रविवार, 20 दिसंबर 2026 | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| रविवार, 3 जनवरी 2027 | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| मंगलवार, 19 जनवरी 2027 | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| मंगलवार, 2 फ़रवरी 2027 | कृष्ण पक्ष एकादशी |
24 नामित एकादशी
| एकादशी | चंद्र मास व पक्ष | ऋतु |
|---|---|---|
| कामदा | चैत्र शुक्ल | March–April |
| पापमोचनी | चैत्र कृष्ण | March–April |
| मोहिनी | वैशाख शुक्ल | April–May |
| वरूथिनी | वैशाख कृष्ण | April–May |
| निर्जला | ज्येष्ठ शुक्ल | May–June |
| अपरा | ज्येष्ठ कृष्ण | May–June |
| देवशयनी | आषाढ़ शुक्ल | June–July |
| योगिनी | आषाढ़ कृष्ण | June–July |
| श्रावण पुत्रदा | श्रावण शुक्ल | July–August |
| कामिका | श्रावण कृष्ण | July–August |
| परिवर्तिनी | भाद्रपद शुक्ल | August–September |
| अजा | भाद्रपद कृष्ण | August–September |
| पापांकुशा | आश्विन शुक्ल | September–October |
| इंदिरा | आश्विन कृष्ण | September–October |
| प्रबोधिनी (देवउठनी) | कार्तिक शुक्ल | October–November |
| रमा | कार्तिक कृष्ण | October–November |
| मोक्षदा | मार्गशीर्ष शुक्ल | November–December |
| उत्पन्ना | मार्गशीर्ष कृष्ण | November–December |
| पौष पुत्रदा | पौष शुक्ल | December–January |
| सफला | पौष कृष्ण | December–January |
| जया | माघ शुक्ल | January–February |
| षटतिला | माघ कृष्ण | January–February |
| आमलकी | फाल्गुन शुक्ल | February–March |
| विजया | फाल्गुन कृष्ण | February–March |
आगामी तिथियाँ एकादशी तिथि (संदर्भ: दिल्ली) से गणना की गई हैं और उस दिन तक सटीक हैं जब तिथि सूर्योदय पर प्रबल हो; व्रत/पारण समय भिन्न हो सकता है — अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।