षष्ठी तिथि Shashthi
छठी तिथि · अधिष्ठाता कार्तिकेय (स्कंद) · नंदा तिथि
षष्ठी (Shashthi) छठी चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता कार्तिकेय (स्कंद) हैं और जो एक नंदा तिथि है (आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ)। षष्ठी, छठी तिथि, कार्तिकेय तथा संतान व स्वास्थ्य को समर्पित है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: कार्तिकेय (स्कंद)।
- स्वभाव: नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ।
- एक नंदा तिथि, जो संतान के कल्याण, स्वास्थ्य व साहस हेतु रखी जाती है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
षष्ठी — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | कार्तिकेय (स्कंद) |
| स्वभाव | नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ |
| स्थिति | छठी तिथि (हर पक्ष में) |
षष्ठी तिथि क्या है?
षष्ठी, छठी तिथि, कार्तिकेय तथा संतान व स्वास्थ्य को समर्पित है। चंद्र दिवस होने के कारण षष्ठी किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही षष्ठी को दिन की तिथि मानता है।
षष्ठी के अधिष्ठाता देव
इसके अधिष्ठाता स्कंद (कार्तिकेय) हैं। षष्ठी के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: नंदा तिथि
षष्ठी तिथियों के नंदा वर्ग में आती है, जो आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
षष्ठी के त्योहार व व्रत
स्कंद षष्ठी व छठ पूजा (कार्तिक शुक्ल षष्ठी) षष्ठी को पड़ते हैं।
- छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) — कार्तिक शुक्ल षष्ठी — छठ की मुख्य संध्या
- स्कंद / कुमार षष्ठी — शुक्ल षष्ठी, कार्तिकेय को समर्पित
- सूर्य षष्ठी — भाद्रपद शुक्ल षष्ठी
- चंपा षष्ठी — मार्गशीर्ष शुक्ल षष्ठी
षष्ठी पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
षष्ठी तिथि किसके लिए शुभ है
एक नंदा तिथि, जो संतान के कल्याण, स्वास्थ्य व साहस हेतु रखी जाती है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में षष्ठी
आज षष्ठी है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
षष्ठी तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
षष्ठी तिथि के अधिष्ठाता कार्तिकेय (स्कंद) हैं। इसके अधिष्ठाता स्कंद (कार्तिकेय) हैं।
षष्ठी को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
स्कंद षष्ठी व छठ पूजा (कार्तिक शुक्ल षष्ठी) षष्ठी को पड़ते हैं।
क्या षष्ठी शुभ तिथि है?
एक नंदा तिथि, जो संतान के कल्याण, स्वास्थ्य व साहस हेतु रखी जाती है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
नंदा तिथि क्या होती है?
नंदा तिथियाँ आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। षष्ठी उनमें से एक है।