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शनिवार Saturday

स्वामी ग्रह शनि · भगवान शनि / हनुमान को समर्पित · रंग नीला / काला

त्वरित उत्तर

शनिवार (Saturday) का स्वामी ग्रह शनि है और यह भगवान शनि / हनुमान को समर्पित है। शनि अनुशासन, कर्म, आयु, सेवा व परिश्रम का कारक है। इसका रंग नीला / काला है, और यह पारंपरिक रूप से अनुशासन, सेवा और उपाय हेतु शुभ है।

मुख्य बातें

  • स्वामी ग्रह: शनि; देवता: भगवान शनि / हनुमान
  • अनुशासन, सेवा और उपाय हेतु शुभ।
  • शनिवार व्रत शनि को शांत करने हेतु, विशेषकर साढ़ेसाती व ढैया में रखा जाता है; शनि को तेल अर्पित होता है।
  • शुभ रंग: नीला / काला।

शनिवार — एक दृष्टि में

स्वामी ग्रहशनि
देवताभगवान शनि / हनुमान
रंगनीला / काला
शुभ कार्यअनुशासन, सेवा और उपाय

शनिवार का स्वामी ग्रह

शनि अनुशासन, कर्म, आयु, सेवा व परिश्रम का कारक है। शनि का स्वभाव इस दिन के हर शुभ कार्य को प्रभावित करता है।

शनिवार की पूजा व देवता

शनि देव व हनुमान की उपासना होती है; सरसों तेल का दीप जलाकर शनि चालीसा या हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है।

शनिवार व्रत

शनिवार व्रत शनि को शांत करने हेतु, विशेषकर साढ़ेसाती व ढैया में रखा जाता है; शनि को तेल अर्पित होता है।

शनिवार के व्रत व विशेष दिन

साप्ताहिक शनिवार व्रत के अतिरिक्त, जब कोई विशेष तिथि या नक्षत्र शनिवार के साथ मिलता है तो कई व्रत-पर्व बनते हैं — वार अपने ग्रह की शक्ति उस दिन को देता है।

  • शनिवार व्रत — शनि हेतु साप्ताहिक व्रत — सरसों तेल का दीप, काला अर्पण व पीपल पूजा
  • शनि अमावस्या — शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या — शनि उपाय हेतु प्रमुख दिन
  • शनि प्रदोष (महा प्रदोष) — शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष (त्रयोदशी)
  • हनुमान पूजा — शनि की पीड़ा शांति हेतु शनिवार हनुमान को भी समर्पित

ये वर्ष भर बदलती तिथियों पर आते हैं; अगली तिथि हेतु त्योहार सूची, आज का पंचांग या स्थानीय पंचांग देखें।

शनिवार के उपाय

शनि को सरसों तेल अर्पित करें, नीलम केवल सावधानीपूर्वक परीक्षण के बाद धारण करें, काले पदार्थों का दान करें व ज़रूरतमंदों की सेवा करें। उपाय सहायक अभ्यास हैं; रत्न केवल योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही धारण करें।

शनिवार को क्या टालें

अपने लिए लोहा या तेल खरीदना और अशुभ कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है। ये पारंपरिक रीतियाँ हैं और परिवार व क्षेत्र अनुसार भिन्न होती हैं।

शनिवार का समय व राहु काल

वार दिन के अशुभ समय तय करता है। शनिवार को अपने शहर का सटीक राहु काल, यमगंड व गुलिक देखें, और महत्वपूर्ण कार्य हेतु शुभ चौघड़िया चुनें। सभी वार या पंचांग गाइड देखें।

वार की रीतियाँ परंपरा पर आधारित हैं और क्षेत्र व परिवार अनुसार भिन्न होती हैं; व्यक्तिगत उपाय हेतु योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।

सामान्य प्रश्न

शनिवार का स्वामी ग्रह व देवता कौन हैं?

शनिवार (Saturday) का स्वामी ग्रह शनि है और यह भगवान शनि / हनुमान को समर्पित है।

शनिवार व्रत क्या है?

शनिवार व्रत शनि को शांत करने हेतु, विशेषकर साढ़ेसाती व ढैया में रखा जाता है; शनि को तेल अर्पित होता है।

शनिवार को क्या करना चाहिए?

शनि देव व हनुमान की उपासना होती है; सरसों तेल का दीप जलाकर शनि चालीसा या हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता है। यह अनुशासन, सेवा और उपाय हेतु शुभ है।

शनिवार को क्या टालना चाहिए?

अपने लिए लोहा या तेल खरीदना और अशुभ कार्य आरंभ करना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनिवार को राहु काल कब होता है?

राहु काल दिन के एक निश्चित आठवें भाग में पड़ता है जो वार से तय होता है; अपने शहर का सटीक शनिवार राहु काल राहु-काल पृष्ठों पर देखें।