गुरुवार Thursday
स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) · भगवान विष्णु / बृहस्पति को समर्पित · रंग पीला
गुरुवार (Thursday) का स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) है और यह भगवान विष्णु / बृहस्पति को समर्पित है। गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, धन, गुरुजनों, संतान व धर्म का कारक है। इसका रंग पीला है, और यह पारंपरिक रूप से शिक्षा, समारोह और आध्यात्मिक कार्य हेतु शुभ है।
मुख्य बातें
- स्वामी ग्रह: गुरु (बृहस्पति); देवता: भगवान विष्णु / बृहस्पति।
- शिक्षा, समारोह और आध्यात्मिक कार्य हेतु शुभ।
- गुरुवार व्रत ज्ञान, समय पर विवाह व समृद्धि हेतु रखा जाता है; भक्त पीला भोजन ग्रहण करते हैं।
- शुभ रंग: पीला।
गुरुवार — एक दृष्टि में
| स्वामी ग्रह | गुरु (बृहस्पति) |
| देवता | भगवान विष्णु / बृहस्पति |
| रंग | पीला |
| शुभ कार्य | शिक्षा, समारोह और आध्यात्मिक कार्य |
गुरुवार का स्वामी ग्रह
गुरु (बृहस्पति) ज्ञान, धन, गुरुजनों, संतान व धर्म का कारक है। गुरु (बृहस्पति) का स्वभाव इस दिन के हर शुभ कार्य को प्रभावित करता है।
गुरुवार की पूजा व देवता
विष्णु व बृहस्पति की उपासना होती है; पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं और केले के वृक्ष का सम्मान होता है।
गुरुवार व्रत
गुरुवार व्रत ज्ञान, समय पर विवाह व समृद्धि हेतु रखा जाता है; भक्त पीला भोजन ग्रहण करते हैं।
गुरुवार के व्रत व विशेष दिन
साप्ताहिक गुरुवार व्रत के अतिरिक्त, जब कोई विशेष तिथि या नक्षत्र गुरुवार के साथ मिलता है तो कई व्रत-पर्व बनते हैं — वार अपने ग्रह की शक्ति उस दिन को देता है।
- गुरुवार (बृहस्पतिवार) व्रत — विष्णु व बृहस्पति हेतु साप्ताहिक व्रत — पीला भोजन व केले के वृक्ष की पूजा
- गुरु पुष्य योग — गुरुवार को पुष्य नक्षत्र — स्वर्ण खरीद व नए कार्य हेतु सर्वाधिक शुभ योगों में
- साईं बाबा पूजा — गुरुवार शिरडी साईं बाबा को समर्पित
- गुरुवार को एकादशी — गुरु के दिन एकादशी व्रत का पुण्य बढ़ जाता है
ये वर्ष भर बदलती तिथियों पर आते हैं; अगली तिथि हेतु त्योहार सूची, आज का पंचांग या स्थानीय पंचांग देखें।
गुरुवार के उपाय
(मार्गदर्शन के बाद) पुखराज धारण करें, हल्दी, चने की दाल व पीले पदार्थों का दान करें, और गुरुजनों का सम्मान करें। उपाय सहायक अभ्यास हैं; रत्न केवल योग्य ज्योतिषी से परामर्श के बाद ही धारण करें।
गुरुवार को क्या टालें
गुरुवार को बाल धोना व कपड़े धोना पारंपरिक रूप से टाला जाता है। ये पारंपरिक रीतियाँ हैं और परिवार व क्षेत्र अनुसार भिन्न होती हैं।
गुरुवार का समय व राहु काल
वार दिन के अशुभ समय तय करता है। गुरुवार को अपने शहर का सटीक राहु काल, यमगंड व गुलिक देखें, और महत्वपूर्ण कार्य हेतु शुभ चौघड़िया चुनें। सभी वार या पंचांग गाइड देखें।
वार की रीतियाँ परंपरा पर आधारित हैं और क्षेत्र व परिवार अनुसार भिन्न होती हैं; व्यक्तिगत उपाय हेतु योग्य ज्योतिषी से परामर्श करें।
सामान्य प्रश्न
गुरुवार का स्वामी ग्रह व देवता कौन हैं?
गुरुवार (Thursday) का स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) है और यह भगवान विष्णु / बृहस्पति को समर्पित है।
गुरुवार व्रत क्या है?
गुरुवार व्रत ज्ञान, समय पर विवाह व समृद्धि हेतु रखा जाता है; भक्त पीला भोजन ग्रहण करते हैं।
गुरुवार को क्या करना चाहिए?
विष्णु व बृहस्पति की उपासना होती है; पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं और केले के वृक्ष का सम्मान होता है। यह शिक्षा, समारोह और आध्यात्मिक कार्य हेतु शुभ है।
गुरुवार को क्या टालना चाहिए?
गुरुवार को बाल धोना व कपड़े धोना पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
गुरुवार को राहु काल कब होता है?
राहु काल दिन के एक निश्चित आठवें भाग में पड़ता है जो वार से तय होता है; अपने शहर का सटीक गुरुवार राहु काल राहु-काल पृष्ठों पर देखें।