चतुर्दशी तिथि Chaturdashi
चौदहवीं तिथि · अधिष्ठाता शिव (काली) · रिक्ता तिथि
चतुर्दशी (Chaturdashi) चौदहवीं चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता शिव (काली) हैं और जो एक रिक्ता तिथि है (रिक्त — शुभ कार्य हेतु प्रायः टालें)। चतुर्दशी, चौदहवीं तिथि, तीव्र है और शिव व काली को समर्पित है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: शिव (काली)।
- स्वभाव: रिक्ता — रिक्त — शुभ कार्य हेतु प्रायः टालें।
- एक रिक्ता तिथि, जो शुभ आरंभ हेतु प्रायः टाली जाती है किंतु शिव-पूजा व आध्यात्मिक तीव्रता हेतु प्रबल है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
चतुर्दशी — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | शिव (काली) |
| स्वभाव | रिक्ता — रिक्त — शुभ कार्य हेतु प्रायः टालें |
| स्थिति | चौदहवीं तिथि (हर पक्ष में) |
चतुर्दशी तिथि क्या है?
चतुर्दशी, चौदहवीं तिथि, तीव्र है और शिव व काली को समर्पित है। चंद्र दिवस होने के कारण चतुर्दशी किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही चतुर्दशी को दिन की तिथि मानता है।
चतुर्दशी के अधिष्ठाता देव
इसके अधिष्ठाता शिव (व काली) हैं। चतुर्दशी के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: रिक्ता तिथि
चतुर्दशी तिथियों के रिक्ता वर्ग में आती है, जो रिक्त — शुभ कार्य हेतु प्रायः टालें। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
चतुर्दशी के त्योहार व व्रत
महाशिवरात्रि (फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी), नरक चतुर्दशी (दिवाली से पूर्व) व अनंत चतुर्दशी चतुर्दशी को पड़ते हैं।
- महाशिवरात्रि — फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी — शिव की महान रात्रि
- मासिक शिवरात्रि — हर कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
- नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) — कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी
- अनंत चतुर्दशी — भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी — गणेश विसर्जन
- नरसिंह चतुर्दशी — वैशाख शुक्ल चतुर्दशी
चतुर्दशी पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
चतुर्दशी तिथि किसके लिए शुभ है
एक रिक्ता तिथि, जो शुभ आरंभ हेतु प्रायः टाली जाती है किंतु शिव-पूजा व आध्यात्मिक तीव्रता हेतु प्रबल है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में चतुर्दशी
आज चतुर्दशी है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
चतुर्दशी तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
चतुर्दशी तिथि के अधिष्ठाता शिव (काली) हैं। इसके अधिष्ठाता शिव (व काली) हैं।
चतुर्दशी को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
महाशिवरात्रि (फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी), नरक चतुर्दशी (दिवाली से पूर्व) व अनंत चतुर्दशी चतुर्दशी को पड़ते हैं।
क्या चतुर्दशी शुभ तिथि है?
एक रिक्ता तिथि, जो शुभ आरंभ हेतु प्रायः टाली जाती है किंतु शिव-पूजा व आध्यात्मिक तीव्रता हेतु प्रबल है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
रिक्ता तिथि क्या होती है?
रिक्ता तिथियाँ रिक्त — शुभ कार्य हेतु प्रायः टालें। चतुर्दशी उनमें से एक है।