प्रतिपदा तिथि Pratipada
पहली तिथि · अधिष्ठाता अग्नि · नंदा तिथि
प्रतिपदा (Pratipada) पहली चंद्र तिथि है, जिसके अधिष्ठाता अग्नि हैं और जो एक नंदा तिथि है (आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ)। प्रतिपदा पहली तिथि है, जो नए पक्ष का आरंभ और किसी कार्य को शुरू करने की प्रेरणा दर्शाती है। पंचांग में सूर्योदय के समय जो तिथि हो वही पूरे दिन मानी जाती है।
मुख्य बातें
- अधिष्ठाता देव: अग्नि।
- स्वभाव: नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ।
- एक नंदा (आनंददायक) तिथि, जो उद्घाटन, नींव व नई शुरुआत हेतु शुभ है।
- प्रत्येक चंद्र मास में शुक्ल व कृष्ण दोनों पक्षों में आती है।
प्रतिपदा — एक दृष्टि में
| अधिष्ठाता देव | अग्नि |
| स्वभाव | नंदा — आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ |
| स्थिति | पहली तिथि (हर पक्ष में) |
प्रतिपदा तिथि क्या है?
प्रतिपदा पहली तिथि है, जो नए पक्ष का आरंभ और किसी कार्य को शुरू करने की प्रेरणा दर्शाती है। चंद्र दिवस होने के कारण प्रतिपदा किसी भी समय आरंभ या समाप्त हो सकती है, इसलिए पंचांग सूर्योदय के समय चल रही प्रतिपदा को दिन की तिथि मानता है।
प्रतिपदा के अधिष्ठाता देव
इसके अधिष्ठाता अग्नि हैं — नए कार्यों की अग्नि। प्रतिपदा के व्रत व पूजा इन्हीं देव को समर्पित होते हैं।
स्वभाव: नंदा तिथि
प्रतिपदा तिथियों के नंदा वर्ग में आती है, जो आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। पाँच स्वभाव — नंदा, भद्रा, जया, रिक्ता व पूर्णा — पूरे पखवाड़े में दोहराते हैं और तय करते हैं कि दिन किस कार्य हेतु उपयुक्त है।
प्रतिपदा के त्योहार व व्रत
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि व नववर्ष (गुड़ी पड़वा/उगादि) आरंभ होता है; कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा गोवर्धन पूजा है।
- गुड़ी पड़वा / उगादी — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — महाराष्ट्र व दक्कन में हिंदू नववर्ष, और चैत्र नवरात्रि का प्रथम दिन
- गोवर्धन पूजा / बलि प्रतिपदा — कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा, दिवाली के अगले दिन
- गुजराती नववर्ष (बेस्तु वरस) — कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
- चंद्र दर्शन — अमावस्या के बाद बाल चंद्र का प्रथम दर्शन
प्रतिपदा पर निश्चित त्योहार प्रतिवर्ष आते हैं पर ग्रेगोरियन तिथि बदलती रहती है; कई चंद्र मास व पक्ष पर भी निर्भर हैं। इस वर्ष की तिथियाँ त्योहार व पंचांग पृष्ठों या स्थानीय पंचांग से देखें।
प्रतिपदा तिथि किसके लिए शुभ है
एक नंदा (आनंददायक) तिथि, जो उद्घाटन, नींव व नई शुरुआत हेतु शुभ है। मुहूर्त चुनते समय तिथि को शुभ नक्षत्र, शुभ चौघड़िया व वार के साथ मिलाएँ और राहु काल से बचें।
पंचांग में प्रतिपदा
आज प्रतिपदा है या नहीं, यह किसी भी शहर के दैनिक पंचांग पर देखें। सभी तिथियाँ, वार जानें या संपूर्ण पंचांग गाइड पढ़ें।
तिथि के गुण पारंपरिक स्रोतों पर आधारित हैं; धार्मिक अनुष्ठान हेतु सटीक तिथि व समय अपने स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।
सामान्य प्रश्न
प्रतिपदा तिथि के अधिष्ठाता देव कौन हैं?
प्रतिपदा तिथि के अधिष्ठाता अग्नि हैं। इसके अधिष्ठाता अग्नि हैं — नए कार्यों की अग्नि।
प्रतिपदा को कौन-से त्योहार पड़ते हैं?
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि व नववर्ष (गुड़ी पड़वा/उगादि) आरंभ होता है; कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा गोवर्धन पूजा है।
क्या प्रतिपदा शुभ तिथि है?
एक नंदा (आनंददायक) तिथि, जो उद्घाटन, नींव व नई शुरुआत हेतु शुभ है।
तिथि क्या है?
तिथि एक चंद्र दिवस है — चंद्रमा को सूर्य से 12° आगे बढ़ने में लगा समय। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं, 15 शुक्ल पक्ष में और 15 कृष्ण पक्ष में।
नंदा तिथि क्या होती है?
नंदा तिथियाँ आनंददायक — उत्सव, कला और सुख हेतु शुभ। प्रतिपदा उनमें से एक है।